रिपोर्ट तरुण सराफ
म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती तृप्ति शर्मा तथा सचिव चन्द्रशेखर राठौर के मार्गदर्शन में जिला जेल, हरदा में शनिवार को विधिक जागरूकता शिविर और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में जिला जेल, हरदा में वर्तमान में निरूद्ध 38 दोष सिद्ध बंदियों से विधिक सहायता व लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा वन-टू-वन काउंसलिंग की गई। बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया तथा उन्हें अपील प्रस्तुत करने के संबंध में निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। शिविर में विधिक सहायता व लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा विचाराधीन बंदियों से उनके प्रकरण के बारे में जानकारी ली गई तथा उन्हें विधिक सहायता योजना के प्रावधानों के बारे में बताया गया कि वे भी निःशुल्क विधिक सहायता के पात्र है तथा यदि वे चाहे तो जिला प्राधिकरण द्वारा जिला जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में समय-समय पर निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी ने इस दौरान विचाराधीन बंदियों को विधिक सहायता योजना, नालसा टोल फ्री नंबर 15100, लीगल एड क्लीनिक योजना, उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। शिविर में बंदियों को कुल 112 विधिक सलाह और 2 विधिक सहायता प्रदान की गई।
इस अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह, जिला क्षय अधिकारी मृत्युंजय सिंह गहलोेद, ई.एन.टी. राजेश सतीजा, डॉ. शैलेन्द्र ठाकुर, ऑप्थमॉलजिस्ट डॉ. गिरिराज बडोने, दंत रोग विषेषज्ञ डॉ. पूर्वी पटेल, डॉ. संदीप इवने एवं स्वास्थ्य विभाग की पैरामेडिकल टीम उपस्थित रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महिला और पुरूष बंदियों की नाक, कान, गला, ब्लडप्रेशर, एच.आई.व्ही., टी.बी., दांत, हेपेटाईटिस की जांच की कर आवश्यकतानुसार दवाईयां वितरित की गई। जिला जेल हरदा में प्रथम बार पोर्टेबल मशीन के माध्यम से बंदियों के एक्स-रे लिये गए।