हरदा । पुलिस की वर्दी न सिर्फ कर्तव्य की पहचान होती है, बल्कि उसके भीतर भी एक संवेदनशील दिल धड़कता है। इसका एक उदाहरण हाल ही में देखने को मिला, जब हरदा महिला थाना के पुलिस आरक्षक होशियार सिंह रघुवंशी ने अपनी जान की परवाह किए बिना सरकारी अस्पताल हरदा में भर्ती आदिवासी महिला फुनदा बाई निवासी नीमगांव को जान बचाने के लिए अपना खून देकर मानवता की मिसाल पेश की। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि महिला को खून की जरूरत है, नहीं तो उनकी जान खतरे में पड़ सकती है। स्थिति नाजुक थी, लेकिन उस समय कोई भी रक्तदाता उपलब्ध नहीं था। मौके पर मौजूद पुलिस आरक्षक होशियार सिंह रघुवंशी ने बिना एक पल गंवाए आगे आकर खुद रक्तदान किया और महिला की जान बचा ली। वर्दी में छिपी इंसानियत ही असली पहचान है।
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