हरदा : नीमगांव स्थित सौ वर्ष से भी अधिक पुराने श्रीगुरु जम्भेश्वर भवागन के मंदिर में विश्नोई समाज के पांच दिनी अगहन महोत्सव की शुरुआत हुई। आयोजन के पहले दिन मंदिर परिसर में बने हवन कुंड में समाज के आचार्य संत डा. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री सहित सैकड़ो सामाजिक लोगों ने सुबह करीब साढ़े सात बजे से हवन यज्ञ शुरू किया। सभी ने मिलकर श्रीगुरु जम्भेश्वर भगवान द्वारा रचित 120 शब्दों का उच्चारण कर हवन में आहुतियां दी। इसी के साथ दोपहर डेढ़ बजे से जाम्भाणी हरिकथा का आयोजन शुरू किया गया। कथा वाचक आचार्य डा. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री सहित अन्य संतों व गायकों ने भजनों की प्रस्तुति दी। कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्यश्री ने कहा कि एक बार फिर हम सब को भगवान जम्भेश्वर के इस पवित्र मंदिर में कथा में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भगवान के आशीर्वाद से ही हम सब को कथा में शामिल होने का मौका मिला है। किसी भी वस्तु को पाने के लिए जीवन में परिश्रम करना पड़ता है। संतों का सानिध्य अगर हमें जीवन में मिल जाए तो हमारा जीवन सफल हो सकता है। कथा के दौरान आचार्यश्री ने भगवान जम्भेश्वर के जीवन से जुड़े चमत्कार व अन्य बातें बताईं। कथा में सैकड़ों की संख्या में विश्नोई समाज के लोग शामिल हुए। कथा का आयोजन दोपहर डेढ़ बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक किया गया।
19 को निकलेगी शोभायात्रा :
19 नवंबर शाम 6 बजे से नीमगांव में श्रीगुरु जम्भेश्वर भगवान की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसी दिन रात 9 बजे से मंदिर में रात्रि जागरण का कार्यक्रम होगा, जिसमें भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। 20 नवंबर को कथा की पूर्णाहुति के साथ साथ प्रसादी का वितरण किया जाएगा। अगहन महोत्सव के दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह भी किया जाएगा। 10वीं व 12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक तथा उच्च शिक्षा के साथ खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले विश्नोई समाज के खिलाड़ियों का सम्मान किया जाएगा। समापन अवसर पर समाज की वार्षिक गतिविधियों के आय व्यय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। इसी के साथ समाज सुधार की दिशा में चिंतन किया जाएगा।